सामाज ...

अंधा गूंगा बहरा समाज...
         कर रहा समस्याओं का आगाज ✍️✍️


हमारा समाज धीरे -धीरे पूरी तरह से अन्धा गूगा बहरा होता जा रहा है यह वही देखता है जो उसके लिए सही है वह स्वर्थी होता जा रहा है यदि सडक पर कोई हातसा हो जाये  या किसी की मां बेटी पिटी जो रही है समाज  मे रह रहे व्यक्ति अपना दरवाजा बंद कर लेते है यादी सडक पर अकेली लड़की को तड़के छेड रहे हो तो तो उसे देख कर अनदेखा कर आगे निकल जाते है यह सब समाज को पूरी तरह से अन्धा गूंगा बहरा बना रहे है रासा ही रहा तो दिन प्रति दिन समाज मे अपराधा बढते रहेगे लडकिया भूखे भेडियो का शिकार बनती रहेंगी ।✍️ ...
अंजना यादव ...

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