फेरबल पार्टी
पिपरसेन्ट के पास स्थित स्टेडी हॉल कॉलेज मे बुधवार को सुबह 9 बजे कॉलेज के बच्चो ने अपने सीनियरस को फेरबल पर्टी देने के लिए काफी तैयारी की काफी कार्यक्रम गेम ,स्टोरी , कविताए स्पीच , उपहार आदि की तैयारी की कार्यक्रम के आरम्भ होने का समय11 बजे का था बच्चो ने तैयारी सुबह 9 बजे से सुरु कर दी थी काफी काम था सब जूनीयरस ने मिल कर क्लास रुम को गुब्बारे पोस्टर रीवन आदि से रुम को सजाया कुर्सीया भी अच्छे से लगाई पुरा क्लास एक दम गुलजार की तरह सजा दिया और सभी सीनिय के स्वागत के लिए गेट पर दो बच्चे क्लास रूम के बाहर दो बच्चे जो उनको लेकर अन्दर ले जाते स्वागत भी काफी अच्छे से किया गया धीरे- धीरे सभी सीनियरस आना सुरु कर दिया सही टाइम 11 बजे प्रोग्राम आरम्भ हो गया
स्पीच दी गयी व बहुत ही खूब सुरत डांस हुआ जिससे सीनियरस काफी खुश हुए व सुन्द- सुन्दर गीत भी गये गये कविताये सुनाई गयी व सीनिपरस से छोटे -छोटे गेम भी खीलाए गये, रैम वॉक भी कराई गयी जो काफी सुन्दर लगा सीनियरस काफी खुश थे उन्हे सब काफी अच्छा लगा धीरे धीरे प्रोग्राम समाप्ती की ओर बढ रहा था तभी कुछ टीचर स्टेज पर आ कर सीनियरस को उपहार दिये और अपना अर्शीवाद दिया खूब सारी बधाई दी व उपहार देने के बाद बच्चो द्वारा सभी सीनियरस के फोटो से खूब सुन्दर सी वीडिया बनाइ गयी थी जो अन्त मे सीनियरस को काफी खुश व दुखी भी कर दी थी वीडियो मे गाने सुनते ही काफी सीनियरस व जूनीर के ऑखो मे आसू आ गये कयोकि यह वह दिन था जो उन्हे उनकी दोस्त टीचर से जुदा कर रहा था जो खूब सूरत पल उन्होंने अपने जूनीयरस के साथ व टीचर के साथ गुजारे सायद वह पल दोबारा न आयेगे अच्छी बुरी बाते खटी मिट्ठी याद लेकर वह विदा हो रहे थे वह दिन जब वह आये थे अनजान थे आज अपने साथ कई लोगो का प्यार यादे अच्छे दोस्त लेके जा रहे थे🙂🥰🙂 अन्त मे खूब डांस गाना टीचर ने खूब डांस किया बच्चो ने भी खूब धूम मचायी🤩😍😍🥳🥳🥳🥳🥳 ऐसे ही हस्ते मुस्कुराते प्रोरोग्राम का अन्त हुआ ।
देर सवेरे कब बात होगी😔😔
बहुत ही मजाकिया थे मेरे मित्र
पर मुसीबत मे मेरे साथ होते थे
अब कोई मुसीबत आये गी किसे आवाज सुनाउंगी
ये जिन्दगी की उलझन कैसे सुलझाउगी ।
वो मित्रो के साथ गलियों मे घूमना
एक दूसरे की बेज्जती करके हंसना
अब वो मजा कहा आयेगा ।
वो कैन्टीन मे दोस्तो के पैसो से समोसा खाना
वो दोस्तो के अन्तरंग नाम रखना बहुत याद आएगा,
वो कॉलेज मे बैठे- बैठे रविवार का इंजार करना
शिक्षक के न आने पर शोर मचाना बाहर घूमना
बहुत याद आएगा ।
टेस्ट के समय दोस्तो से इशारो मे प्रशन के उत्तर पूछना,
वो चलती क्लास के बीच छूप -छूप के टिफिन खाता आब यादो मे ही रह जायेगा।
तो चलो अब इन यादो के साथ इन सौगातो के साथ नई जिन्दगी की सुरूआत करते है ।
मिलते रहना यारो
इन यादो को दिल मे बसाये रखना
गिल सीक भी हो भूला तोआज ।
धन्वाद
अंजना यादव🙏🏻✍️✍️✍️ ..
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