औरत का वजूद




औरत हूं, मेरे वजूद से  मत खेलना ...
मौन हूं मुझे कमजोर मत समझना ...
आईने सी साफ हू ...
तोडने की कोशिश मत करना ...
मेरे असितत्व पर सवाल उठाने की कोशिश मत करना ...
हस कर जवाब देना आदत है मेरी ...
इसे मेरे चरित्र का प्रमाण मत समझना ...
जिस दिन मै बोल उठी उस दिन तुम चुप हो जाओगे ...
बिना वजह मुझ पर कटाक्ष मत लगाना ...
अपनी बातो से मेरे दिमाग को छूना ...
मेरे दिल को ठेस पहुंचाने की कभी हिम्मत मत करना ...
औरत हू मेरे वाजुद से कभी खिलवाड मत करना ...
अब बात नरी के इज्जत की है ।🙏🏻 
अन्जना यादव✍️✍️

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