Posts

Showing posts from September, 2021

राही

राही सफर के  अक्सर किताना कुछ चलता रहता है हमारे दिल और दिमाग मे पर हम किसी से हम सब कुछ कह कहा पाते है... कुछ अनकही सी उलझने और कुछ उलझी सी परेशानिया बस सोचते रह जाते है पर किसी से कह कहा पाते है ... माना जिन्दगी मे कुछ उलझनो का कोई हल नही फिर भी हम सही वक्त का इंजार कर ही कहा पाते है ... यह जिन्दगी है जनाव किसी के चाहने से नही चलती उलझ जाते है राही पर यह हम मान ही कहा पाते है ।✍️✍️✍️ ANJANA YADAV

औरत का वजूद

औरत हूं, मेरे वजूद से  मत खेलना ... मौन हूं मुझे कमजोर मत समझना ... आईने सी साफ हू ... तोडने की कोशिश मत करना ... मेरे असितत्व पर सवाल उठाने की कोशिश मत करना ... हस कर जवाब देना आदत है मेरी ... इसे मेरे चरित्र का प्रमाण मत समझना ... जिस दिन मै बोल उठी उस दिन तुम चुप हो जाओगे ... बिना वजह मुझ पर कटाक्ष मत लगाना ... अपनी बातो से मेरे दिमाग को छूना ... मेरे दिल को ठेस पहुंचाने की कभी हिम्मत मत करना ... औरत हू मेरे वाजुद से कभी खिलवाड मत करना ... अब बात नरी के इज्जत की है ।🙏🏻  अन्जना यादव✍️✍️

दिल की बाते ...

Image
कही खो गई हूं इसलिए खुद को ढूढने लगी हूँ ... बहुत दर्द मिला है सबसे इसलिए अपने काम से काम रखने लगी हूँ ... बहुत चुभती थी मेरी शिकायते इसलिए अपने जुबान पर लगाम रखने लगी हूँ ... बहुत बार मेरा विश्वाश टूटा है इसलिए विश्वास के नाम से डरने लगी हू...✍️✍️ धन्यवाद

मेरी प्यारी टीचर🥰🥰

Image
कुछ यादे आये संग बहार लिए ,जा रहे उसे साथ लिए कहा ? पूछ रहा यह चमन तरुण बोलो मेरा  गुलजार कहा ? बेलि लगाई शिक्षक की सीच रहे श्रम जल से तुम, पनपी हरियाली मे फूली  खुशबू भी दे जाते तुम  आया था उल्लास नया, चेतना नयी लहरायी , गम  जड़ता का भार दिये जा रही थी दिल बहलाती  जो उगे अरुण जो विभा तरुण से ले प्रकाश फैलाने को दूर हुए जाते क्यो फैलाते तुम पुॅज  पहरो को । दीप जलाये शिक्षक उर मे आशा  के, नवजीवन के, सेवा निव्रति के विरह झकोरे पवन चले उत्पीडाण के गाऊँ क्या दिल उमग न पता  दिल अब  इस पीढा से कभी उभर न पता  आये संग बहार लिए जा रहे साथ लिये कहा । धन्यवाद✍️✍️ ...🥰🥰🥰

national girls child day15oct

Image
save the girls child,,       Save them protect them                    Respect them ✍️🙏 thank you 

बाढ से पीडित गाँव

Image
 यह दश्य बीवीपुुर (बाराबंकी )गाँव का है या दिनांक बृहस्पतिवार का है जहां लगातार बारिश होने के कारण पानी का भराव इतना हो गया कि वहां के लोगों को रहने में काफी समस्या हो गई काफी घरो में पानी भर गया छोटे-छोटे बच्चे भूखे रात भर रहे खाने पीने के सामान में सब पानी पानी हो गया बिस्तर खाना कपड़ा सभी चीजों में पानी का भर हो गया फीफ मिट्टी के घर थे जो पानी के बहाव में बह गए काफी किसानों के खेतों में पानी भर गया धाम खराब हो गए काफी खेती का नुकसान हुआ सड़कों पर पानी भर गया आने जाने में भी काफी कठिनाई हो रही है अभी भी सूखने का नाम नहीं ले रहा पानी का भराव इतना है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है लोग अपना सामान लेकर वहां से दूर जा रहे हैं ।  इस सारी समस्या का बडा कारण गॉव मे पानी निकास की सही सुविधा ना होने के कारण व नाली नाला ना होनेबने होने के कारण पानी भराव हो जाता है जिसके कारण पानी इधर-उधर भरने लगता है इससे बाढ़ आने का काफी खतरा बढ़ जाता है । इसके लिए सभी गांव वालों को मिलकर गांव के सभासद को को व नगर निगम को सीकायत करनी  चाहिएऔर जल्द ही नाला नालियां बनवाने के लिए ...

कमर तोड महगाई

Image
इन दिनों महंगाई अपने चरम अवस्था पर है दैनिक उपयोग की वस्तुओं विशेषकर खाद्य पदार्थ की कीमतें आसमान छू रही है इस बढ़ती महंगाई में सामन्यन लोगों का जीना बहुत ही मुश्किल हो गया है इस स्थिति में सामन्य लोगों को रोटी खाने के लिए भी बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है सरकार इन समस्याओं को हल करने में लगी है फिर भी वह हल नहीं कर पा रही है इस महंगाई के अनेक कारण हैं बढ़ती जनसंख्या हड़ताल तथा  तालाबंदी इनके प्रमुख कारण   है अर्थव्यवस्था का प्रबंध भी इसके लिए जिम्मेदार है पूंजीपति वर्ग सरकार से सांठगांठ करके अपनी तिजोरी भरने में लगे हैं वह जनता को ना देखते हुए स्वयं के बारे में सोच रहे हैं इसके इसके पीछे भ्रष्टाचार भी एक बड़ा कारण है प्रश्न यह है कि यह महंगाई हम एक ऐसी सरकार को उत्पादन बढ़ाने और वितरण की सही उपाय करने होंगे कालाबाजारी रोकना होगा सरकार को गरीबों को सस्ती दर पर खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना होगा  जो राशन बटता है वह उन्हीं तक पहुंचाना चाहिए जो एक समय की रोटी मजदूरी कर कमा रहे हैं ना कि उन लोगों को जो बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चलते हैं एसी में रहते हैं ।...

पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई कठौता झील में छलाग

Image
यहां घटना गोमतीनगर स्थित तकवा गांव की है  मंगलवार 5 जुलाई सुबह 6:00 बजे घर में  पत्नी से लड़ाई होने पर बेटा घर से बाहर निकल गया गुस्से में एक पेड़ के नीचे छांव में बैठा था छोटा भाई उसे  बुलाने गया उसे  देखकर इतनी तेजी से भागा वहां कठौता झील के पास एक छोटी सी जाल खुली थी उसी में छलाग लगा दी छोटा भाई बचाने के लिए भी पीछे से कूद पड़ा वही आसपास के लोग चिल्लाने लगे उसकी बात ना मानकर दोनों ने छलांग लगा घर वाले काफी समय  तक इतजार करने पर ढूढने निकले माता-पिता तभी लोगों ने बताया की दो लड़को ने अभी -अभी इस झील में कूदे है इतना जानते हुए माता पिता सुध बुध गवा बैठे थे उनके भाई आते है वह  गोताखोर को फोन कर बुलाते आने में इतना समय लगा जाता कि 6:00 बजे के झील में कूदे  लड़कों की लाश 2:00 बजे मिली दोनों ही मर चुके थे ।

आज क़ी ताजा खबर

Image
 दिनाक शनिवर स्कूटर इण्डिया के पास स्टेडी हॉल कॉलेज मे बच्चो से भरी बस कीचड मे धस गयी जिससे काफी बच्चे डर गये  घबरा गये बस इतनी बुरी तरह से फसी थी की टैक्टर के माध्यम से फसी बस को काफी निकलने की कोशिश की फिर भी न निकली छुट्टी का समय था सभी बच्चो को घर जाने की फाफी जल्दी थी फिर बच्चो को पैदल चलने को बोला कुछ बच्चो को  वैन से घर छोडा गया  परन्तु फिर भी घर आते बच्चो को काफी समय लगा लेकिन सभी बच्चे व शिक्षक सुरक्षित घर पहुँच गये । धन्यवाद✍️✍️

कोरोना का कहर रेलीयो की लहर?

Image
कोरोना का कहर रेडियो की लहर ... कोरोना का कहर रेडियो की लहर से तत्पर्य है की आज कल हम देख ही रहे है की कोरोना वायरेस कितनी जोरो से अपना कहर लोगों पर बरसा रहा है यह सब देखते व जानते हुए भी हमारी सरकार जनता के लिए नियमो का पालन करने को कहती है वही खुद सड़को पर रेलीय नीकालती है।           दिनांक बुधवार ४)७/२१ को  हमारे घर के पास पतकारपुरम गोमती नगर लखनऊ मे अखिलेश यादव की रेली निकाली गयी जिसमे हमने देखा लोगों ने किसी भी प्रकार के नियमो का पालन न करते हुए इतनी भीड जमा कर रखी थी की देर रात तक सड़को पर जाम रही लोगों को आने जाने मे काफी समस्याओ का सामना करना  पड़ा न तो किसी व्यक्ति ने माक्स लगाया था न तो सोशल डिशटेन था बस सब अपनी ही धून मे थे। यह सब देखकर जनता पर कैसा प्रभाव पडेगा जनता भी ऐसे ही करेगी जब सरकार  स्वंय ऐसा कर सकती है तो आम आदमी क्यो नही कर सकती हमारा सरकार से यह अनुरोध है यदि कोई नीयम या कानून बनाये जाये तो सबसे पहले स्वय को उनका पालन करना चाहिए । अन्जना यादव✍️✍️ :

दो भाई की कहानी

एक दिन शाम का समय था दो भाई समुद्र के किनारे  टहल रहे थे दोनो के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गयी बडे भाई ने छोटे भाई को एक थप्पड मार दिया छोटा भाई ने कुछ नही कहा बस रेत पर लिखा आज मेरे भाई ने मुझे थप्पड मारा अगले दिन फिर दोनो समुद्र के किनारे घुमने निकले छोटा भाई समुद्र मे नहाने  लगा अचानक वह डूबने लगा बडे भाई ने उसे  बचाया । छोटे भाई ने पत्थर पर लिखा आज मेरे भाई ने मेरी जान बचायी फिर बडे भाई ने पूछा जब मैने तुम्हे मारा तो तुमने रेत पर क्यो लिखा और जब मैने तुम्हे बचाया तो तुमन पत्थर पर लिखा एसा क्यों ? विवेकशील छोटे भाई ने जवाब दिया जब कोई हमे दुख दे तो उसे हमे रेत पर लिखना चाहिए जिसे वो जल्दी मिट जाये परन्तु जब कोई हमारे लिए अच्छा करे तो उसे पत्थर पर लिखना चाहिए जो कभी मिट न पाये और हमेशा के लिए यादगार बन  जाये । धन्यवाद अंजना यादव✍️✍️✍️ ...

वर्षा

प्राकृतिक की बहार देखो मिट्टी क़ी खुशबु मजेदार देखो   कलियो फूलो का श्रृगार देखो सावन की फुहार देखो मिट्टी की सुगंध देखो हलधर की उमग देखो        पशुओ की तरंग देखो खेतो का खिलता रंग रेखो     बांधो का भराव देखो               नदियो का ताव देखो  बारिश के पानी मे बहती  पहली कागज की नाव देखो वर्षा की खूब सून्दर  बौछार देखो । धन्यावाद  अंजना यादव✍️✍️ ...

कोरोना महामारी फिर शिक्षा पर भारी?

Image
कोरोना के कहर ने गरीबों को ही नहीं बल्कि उनके भविष्य को भी  संकट में  डाल दिया है । हजारो  गरीब बच्चे इस वर्ष शिक्षा से वंचित हो चुके हैं। धीरे-धीरे पूरा साल फिसल गया है। लेकिन गरीब बच्चों की पढ़ाई की शुरूआत भी नहीं हो सकी है। मार्च माह में स्कूलों में ताले पड़ने के बाद इनकी शिक्षा का द्वार भी बंद हो गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बामुश्किल दाखिला पाने वाले गरीबों के बच्चों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा नहीं जा सका है। किताब खरीदने के पैसे न जुटा पाने वाले गरीब परिवार उन्हें एंड्रायड मोबाइल से पढ़ाई करा पाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में स्कूल से दूर गरीबों के बच्चे शिक्षा की धारा से भी दूर हो गए हैं। जिले में विभागीय आंकड़ों के मुताबिक शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2016 से अब तक लगभग 2300 बच्चों का दाखिला सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में कराया गया है। बता दें कि लम्बी दौड़-भाग और मशक्कत के बाद गरीब बच्चों का दाखिला स्कूलों में हो सका था। प्राइवेट स्कूल गरीबों के बच्चों को नि:शुल्क एडमिशन देने को तैयार नहीं थे। अधिकारियों की चौखटों पर धरने करने के बाद उनके बच्...

उत्सव

Image
दिनाक शिनवार को स्टडी हॉल के बच्चो ने ऑनलाइन उत्सव का आयोजन जूम एप के माध्यम से किया कार्यक्रम का आरम्भ 11 बजे हुआ जो काफी कठिन था परन्तु फिर भी बच्चो मे काफी उमंग भर था जो बच्चो ने डांस , गाना गा कर लोगों को उत्साहित किया जो जूम के माध्यम से देखने पर भी लोगों को काफी अन्दद आ गया बच्चो ने अपने अन्दर छिपे हुनर को जूम एप पर दिखाया और इस उत्सव का उदेशय था लोगो का मनोरजन कराना और बच्चो के अन्दर छिपे हुनर को बहर लाना सभी बच्चो ने अपना परिचय भी दिया इसी तरह धीरे -धीरे कार्यक्रम का अन्द दुआ अंत मे शिक्षक द्वारा बच्चो के हुनर को देखते हुए प्रथम , द्वितीय,तृतीय स्थान पाने वाले बच्चो का नाम घोषित करने को बोला गया तीन बच्चे चुने गये जिनका प्रोफ्रोमस काफी दिलचस्पी था जो लोगो के दिन को छू गया और सभी को काफी ज्यादा लुभा गया जिसके लिए तीनो बच्चो को उपहार भी मिलने की घोषण की गयी । धन्यवाद  अंजना यादव✍️✍️

गरीब मजबूर मां की भूख

एक उषमा नाम की महिला बहुत ही गरीब थी वह तीन दिन से कुछ भी खायी पी नही थी वह साथ मे एक छोटे से बच्चे को गोदी मे लेकर स्टेशन पर बैठी थी तभी उसके सामने से एक महीला गुजरती है वह उसे दो रुपये देती है वह दो रुपये लेकर सोचती है की दो रुपये मे आज कल क्या मिलता है? यह बात सोचते ही वह अपने अतीत के बारे मे सोचने लगती है उष्मा एक बहुत ही अमीर घर की एकलौती लड़की थी उसके माॅ बाप ने उसे बहुत ही लाड प्यार से पाला था ' उसकी हस्ती खेलती जीवन कैसे दुख मे बदत जाता है? उसके जीवन मे एक लड़का आता है और उसे बहला फुसला कर उसे शादी करने का बोलता है और उष्मा उसकी  बातो मे आ जाती है और अपने घर के कुछ पैसे जेवर लेकर उसके साथ भाग जाती है वो लड़का यह नाटक सिर्फ उष्मा की दौलत पाने के लिए करता है उष्मा के यो बच्चे होते ही  घर के सारे पैसे लेकर उष्मा को बीच सडक पर छोड कर चला जाता है।

कुछ तो लोग कहगे

विधलय जिसे एक पवित्र स्थान का दर्जा दिया जाता है वहा राजू नाम का एक लड़का पढता था । आमतौर पर राजू जैसे छोटी उम् के बच्चे विधायलय से दूर भागते है क्योकि उन्हे पढाई से ज्यादा खेल - कूद मे ज्यादा लगता है लेकि राजू अलग था उसे पढ़ाई करना माॅ का हाथ बटान बहुत पसंद था वह अपना पूरा समय पढ़ाई व अपनी माँ के साथ बिताता था । सभी पडोसी व रिश्तेदार उससे बहुत प्यार व दुलार करते तथा अपने बच्चो को राजू की तरह बनने मिसाल देते है। राजू भी अपनी माँ की जरूरतो को खूब ख्याल रखता । एक दिन जब राजू की मा बजार गई थी जब घर आई तो देखा राजू श्रृगार का सारा सामान निकाल कर खुद बडे प्यार से सजा रहा था । माॅ ने देखा तो वह जोर जोर से हँसने लगी व सामान उठा कर खुद से सजाने लगी दोनो घर के आगन मे खूब खेले झुमे पर राजू के पापा के आते ही मानो शांति ही छा गई  हो राजू के पिता का राज का बरताव कूछ ठीक . नही लगा राजू राजू की मा के समझाने पर राजू के पिता को गुस्सा शांत हुआ और राजू की नादान समझ कर माफ कर दिया । राजू शांत रहने लगा । कुछ दिनो बाद सब पहले की तरह साधारण सा होने लगा पर राजू न जाने दोपहर मे एक दम सेगायब हो जाता है मॉ ...

फेरबल पार्टी

पिपरसेन्ट के पास स्थित स्टेडी हॉल कॉलेज  मे बुधवार  को सुबह 9 बजे कॉलेज के बच्चो ने अपने सीनियरस को फेरबल पर्टी देने के लिए काफी तैयारी की काफी कार्यक्रम गेम ,स्टोरी , कविताए स्पीच , उपहार  आदि की तैयारी की कार्यक्रम के आरम्भ होने का समय11 बजे का था बच्चो ने तैयारी सुबह 9 बजे से सुरु कर दी थी काफी काम था सब जूनीयरस ने मिल कर क्लास रुम को   गुब्बारे पोस्टर रीवन आदि से रुम को सजाया कुर्सीया भी अच्छे से लगाई पुरा क्लास एक दम गुलजार की तरह सजा दिया और सभी सीनिय के स्वागत के लिए गेट पर दो बच्चे क्लास रूम के बाहर दो बच्चे जो उनको लेकर अन्दर ले जाते स्वागत भी काफी अच्छे से किया गया धीरे- धीरे सभी सीनियरस आना सुरु कर दिया सही टाइम 11 बजे प्रोग्राम आरम्भ हो गया  स्पीच दी गयी व बहुत ही खूब सुरत डांस हुआ जिससे सीनियरस काफी खुश हुए व सुन्द- सुन्दर गीत भी गये गये कविताये सुनाई गयी व सीनिपरस  से छोटे -छोटे गेम भी खीलाए गये, रैम वॉक भी कराई गयी जो काफी सुन्दर लगा सीनियरस काफी खुश थे उन्हे सब काफी अच्छा लगा धीरे धीरे प्रोग्राम समाप्ती की ओर बढ रहा था तभी कुछ टीचर स्टे...

प्राकृति का सुहाना नजारा

गोमती नगर  स्थिति  विशाल  खण्ड मे दिनांक बुधवार को बारिश ने सभी को हिला कर रख दिया ऐसी बारिश शयद पहली बार ही हुई थी दिन से सुरुआत हुई फिर रुकने का नाम ही नही सभी के घरो के भीतर पानी भर गया सडके व नालिया उभराने लगी काफी लोगों को बहुत सी समस्याओ का सामना भी करना पडा लोगों के घर मे पानी टपकने लगा कही सीलन  आ  गयी घर मे ही लोग पुरा दिन कैद रहे  स्कूल व कॉलेज  सभी बद हो गये , यह दिन किसी के लिए बहुत ही अच्छा व सुहाना रहा तो किसी के लिए काफी कठिन रहा जुगगी झोपडी मे रहने वाले लोगों का खाना पीना सोना सब काफी मुश्किल हो गया जो काफी दुखद था वही पैसे वालो के पर मे पुडी पकोडी चाय बना कर बारिश का अन्दद लिया जा रहा था , घर के भीतर बैठ -बैठे लोगा काफी ऊब गये टी.वी फोन चला कर कैसे तैसे अपना दिन गुजारे काफी लोगों के घरो मे पानी भराव के कारण राशन पानी व फ्रीज बिस्तर खराब हो गये यह सब देख कर बच्चे काफी घबरा गये और रोने चिल्लाने लगे माता पिता मिल कर घर से पानी निकाले और समान को उच्चे स्थान पर रखा सडको मे पानी भरे हो के कारण गुले सीवर से लोगों को काफी सावधानी से सड़को पर न...

गरीबी अमीरी में भेदभाव

हमारे समाज के बीच जो एक दीवार खडी है अमीरी गरीबी की वह लोगों के बीच दरार पैदा कर रही है रिश्ते धीरे धीरे धीरे खत्म हो रहे हैं लोग अमीर होते ही जा रहे हैं वैसे-वैसे रिश्ते खत्म होते जा रहे हैं

नारी है पुरुषों पर भारी?

नारी को ना समझो बेचारी उस पर है दुनिया चलाने की               जिम्मेदारी, नारी के हैं रूप हजार फिर भी वह करती पुरुषों का सम्मान वक्त- वक्त पर वह हर रूप में आती मुसीबत आने पर माता-पिता भाई-बहन पति सब का सहारा बन जाती ,                    घर बाहर की जिम्मेदारी बखूब निभाती फिर भी नारी क्यो पुरुषों से कमजोर कहलाती,                अत्याचार होने पर वह दुर्गा के रूप में आती ,नारी को ना समझो बेचारी            नारी है पुरुषों पर भारी✍️ ... धन्यावाद                     .                            अंजना यादव✍️✍️      

कोरोना की महामारी

Image
 कोरोन महामारी इस प्रकार बढ़ रही है कि समाज में लोगों का जीवन  जीना काफी कठिन हो गया है दिन प्रतिदिन एक नई समस्या सामने आती है गुरु नाम हमारी का सामना सिर्फ और सिर्फ गरीब व मजदूर लोगों को  करना पड़ रहा है आर्थिक समस्याओं का सामना भी सिर्फ गरीबों को ही करना पड़ रहा है वह एकटाइम का खाना भी सही से नहीं खा पा रहे हैं रोजगार भी दिन-प्रतिदिन छीनते जा रहे हैं उनसे वहां यह सब समस्याओं का सामना नहीं कर पा रहे हैं सरकार भी उनके लिए जो सेवाएं दे रही है वह भी उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं वह बीच में ही बड़े लोग जमाखोरी कर ले रहे हैं ।  करोना महामारी  होने पर गरीब घर पर ही इलाज करता है यदि वह अस्पताल जाता है तो उसे मृत घोषित कर दिया जाता है वहीं वहीं अगर अमीर व्यक्ति जाता है तो उसका अच्छे से इलाज किया जाता है । कोरोना महामारी के चलते हम अपने घर की स्थिति के बारे मे कुछ शब्द बोलना चहते है कोरोनावायरस के चलते सबसे बड़ी समस्याओं का सामना हमें स्वयं वह हमारे परिवार को करना पड़ा है हमारी दीदी को कोरोना होगया था  वह ऑफिस गई थी वहां कुछ लोगों के संपर्क में आने कोरोना...

ऑनलाइन शिक्षा

आज कल शिक्षको को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है ऑनलाइन शिक्षा पर आर्थिक समीक्षा? ग्रामीण भारत में स्कूली विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन की संख्या 2018 में 36.5 प्रतिशत की तुलना में 2020 में बढ़कर 61.8 प्रतिशत हुई  आर्थिक समीक्षा 2020-21 पेश करते हुए कहा जाये तो कोविड-19 महामारी के दौरान व्यापक स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिला है। अक्टूबर, 2020 में प्रकाशित वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर)-2020 चरण-1 (ग्रामीण) का उल्‍लेख करते हुए समीक्षा में कहा गया है कि ग्रामीण भारत में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। 2018 में 36.5 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास ही स्मार्ट फोन थे, वहीं 2020 में 61.8 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन मौजूद थे। समीक्षा में सलाह दी कि उचित उपयोग किया गया तो शहरी और ग्रामीण, लैंगिक, उम्र और आय समूहों के बीच डिजिटल भेदभाव और शैक्षिक परिणाम में अंतर समाप्त होगा। कोविड-19 महामारी के दौरान, बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिये सरकार ने कई सकारात्मक पहल की हैं। इस दिशा में ए...

सामाज ...

अंधा गूंगा बहरा समाज...          कर रहा समस्याओं का आगाज ✍️✍️ हमारा समाज धीरे -धीरे पूरी तरह से अन्धा गूगा बहरा होता जा रहा है यह वही देखता है जो उसके लिए सही है वह स्वर्थी होता जा रहा है यदि सडक पर कोई हातसा हो जाये  या किसी की मां बेटी पिटी जो रही है समाज  मे रह रहे व्यक्ति अपना दरवाजा बंद कर लेते है यादी सडक पर अकेली लड़की को तड़के छेड रहे हो तो तो उसे देख कर अनदेखा कर आगे निकल जाते है यह सब समाज को पूरी तरह से अन्धा गूंगा बहरा बना रहे है रासा ही रहा तो दिन प्रति दिन समाज मे अपराधा बढते रहेगे लडकिया भूखे भेडियो का शिकार बनती रहेंगी ।✍️ ... अंजना यादव ...

कर्मों का फल

(यह घटना गोमती विशाल खण्ड चार की है) कर्मों का फल कहानी का तात्पर्य है यह  कहानी एक छोटे से गांव की है जहां एक छोटा सा परिवार रहता था दो भाई दो बहन माता- पिता या परिवार बडी खुशहाली से अपना ज जीवन व्यतीत कर रहा था अचानक पिता के साथ एक हादसा होता है जिससे पिता अपंग हो जाते हैं पिता के अपंग होने पर माता का दिन रात उन्हीं का ध्यान रहता हैपिता की सेवा में लगी रहती है वह बच्चे घर पर अकेले मन   मर्जी का काम करते हैं घर पर  किसी के ना होने पर छोटी बेटी घर  पर रह रहे किराएदार के साथ मित्रता का संबंध बनाती है संबंध इस प्रकार स्थापित हो जाता है कि माता का पिता के पता  चलने  बेटी की  पिटाई व किराएदार को कमरे से निकाल दिया जाता यह सब जानते हुए भी वह लड़की नहीं मानती है स्कूल जाने के बहाने रोज  लड़के से मिलती है और उसे घर से पैसे ले जाकर उसे देती है अचानक उसके भाई को पता चलता है इसके कारण लड़की को कमरे में बंद कर दिया जाता है अगले दिन मौका मिलते ही वह अपने घर से सामान लेकर उस व्यक्ति के घर चली जाती हैयह देखते हुए माता-पिता पुलिस में कंप्लेंट करते हैं अभी प...

दिवाली के त्यौहार पर पटाखों की पाबंदी

१६ नवंबर दिवाली का त्यौहार था सरकार ने पटाखों पर पाबंदी लगा रखी थी जिसके बावजूद भी हमने काफी जगह पर पटाखे फोड़ते देखें मनुष्य व पक्षियों के लिए वायु प्रदूषण के लिए बहुत ही हानिकारक है इसके बावजूद भी लोगों ने पटाखे का इस्तेमाल किया सरकार के लाख पाबंदियों के बाद भी लोग पटाखों  की खरीदारी भी कि मनुष्य अपने जीवन का सिम दुश्मन है यदि वह यह सब बंद कर दे तो हम काफी बीमारियों से बाज पशुओं को हानिकारक वायु प्रदूषण से बचा सकते हैंपारदर्शी बनाए नियमों का पालन करना चाहिए और हमें उनकी बने बनाए नियमों का पालन कर अपने भारत को स्वच्छ बनाना चाहिए । पटाखे वायु प्रदूषण के साथ-साथ मनुष्य को भी काफी हानि पहुंचाते हैं कई बार हम दीवाली के बाद यह कई की न्यूज़  ,खबरों में सुनते हैं कि कई व्यक्ति पटाखे से जलकर कर घायल हो गए या कई लोगों की मृत्यु क हो गई घर वालों  झोपड़ियां जल गई ऐसे ही भारी नुकसान हो जाते हैं क्या हम दिवाली पटाखों के बिना नहीं बना जा बना सकते हैं क्यों ना हम दिवाली को मनाने का तरीका बदले और लोगों की सोच भी बदले भूत; दिवाली का त्यौहार पटाखों पर ही निर्भर होता है कई बार हम मिठाइयां ...

घर की लक्ष्मी( बिटिया)

घर घर खुशियां लाएगी फिर बिटिया रानी कहलाएगी ,      न हो उदास जब घर पर जन्मे बेटी मन में लाओ यह एहसास की बेटी भी है बेटे से खास,            बेटे हैं अगर घर का चिराग तो  बेटी भी रोशनी बन  कर घर पर उजियारा फैलाएगी ,                  बेटा है अगर घर का वह तो बेटी भी है घर का बेटी बेटे को दो बराबर का अधिकार दोनों है एक समान । धन्यावाद✍️✍️✍️                                       अंजना यादव✨✨✍️🙏🏾                          

sports ripoting

दिनांक शानिवार २९  नवंबर को  ९:७ मिनट पर द स्टेडी हौल कौलेज में  टीचर व बच्चों के साथ खो-खो खेला गया जिसमें ६ , ६ बच्चों की टीम बनाई गई टीम ए और टीम बी टीम ए को दौड़ना था और टीम बी को बैठना था खेल का आरम्भ ७:३०मिनट पर हुआ टीम बी ने ज्यादा समय न लेते हुए टीम बी के बच्चों को आउट किया  यह देखकर लोगो ने खूब मनोरंजन किया और बच्चों  भी खूब जोश से दौड़े और खूब मस्ती भी की खो खो के नियम न पता होने के कारण गलती भी हुयी अनंत में जीत टीम ए की हुयी जो अंत में बच्चों व खेल देखने योग्य था जिसे देखकर लोगो बहुत खुश हुये ऐसे ही खेल का अंत हुआ।  खेल में बच्चों में भरा उमंग उत्साह देखने को मिला ✍️✍️             अंजना यादव✍️ :

पुस्तक समीक्षा

कविता का शीर्षक हरियाली और रास्ता समय भाग रहा है हम अपनी जिंदगी में रोज कोई ना कोई घटना घटित होते देखते हैं और इन्हीं छोटी-छोटी घटनाओं से हमें बड़ी सीख मिलती है जीवन जीने का तरीका हमें कहानियों के माध्यम से समझ आता है हम किसी भी कहानी को पढ़ते हैं वह कहीं ना कहीं हमारे अस्तित्व जीवन से जुड़ी होती है अपने जीवन में हरे पन को महसूस कर पाना अथवा इसी से हमें जीवन जीने का रास्ता मिलता है यदि हम किसी चिंता व घटना के बारे में सोच रहे हैं तो यह कहानी हमें प्रेरणा देते हैं कि जीवन एक कहानी है और इसमें समस्याएं आती रहेंगी हमें अपना जीवन जीने का आनंद लेते रहना चाहिए वह सभी समस्याओं का समाधान ढूंढते रहना चाहिए जैसे हर कहानी का अंत अच्छा ही होता है हमारे जीवन का अंत  समस्या व निष्कर्षण अंत में मिल ही जाएगा हमारे जीवन में हो रही घटनाओं को देखना समझना चाहिए और निवारण भी निकालना चाहिए ना की हार मान के स्वयं को लाचार बेबस समझकर जीवन का अंत समझ लेना चाहिए जब किसी किसी बात कम शब्दों में समझाया जाता है वह बात लोगों को अच्छे से समझ में आती है लोग उससे अधिक संतुष्ट होते हैं ऐसी ही हितोपदेश की कहानी कम शब...

इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन डे २६ नवम्बर

विधान दिवस भारत गणराज्य का संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है यह संविधान 26 नवंबर 1949 में बनकर तैयार हुआ था सवीधान सभा के प्रारूप समति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर 125 वी जयंती के वर्ष में 26 नवंबर 2015 से संविधान दिवस मनाया गया । संविधान सभा ने भारत के संविधान को 2 वर्ष 11 महा 18 दिन में 26 नवंबर 1949 में पूरा कर राष्ट्र को संमरित  किया था गणतंत्र भारत में जनवरी1950 में संविधान अमल में लाया गया। संविधान बन जाने से लोगों को कई सुविधाएं मिली लोगों को अपने अधिकार अपना जीवन व्यतीत करने का तरीका पता चला पर लोग जागरूक हुए?  निम्न अधिकार है जो जनता को दिए गए (१) शिक्षा का अधिकार (२) स्वतंत्रता का अधिकार (३) शोषण के विरुद्ध अंधकार (५) समानता का अधिकार (७)धमृ के विरुद्ध अधिकार

एक बेटी की पुकार...

गलत परवरिश की कीमत कब तक दूसरों की बेटियां चुकाएँगी  खुद की बेटी की चीख़ सुन कर ही क्या अकल आएगी🖕✍️✍️

दो भाई की कहानी

एक दिन शाम का समय था दो भाई समुद्र के किनारे  टहल रहे थे दोनो के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गयी बडे भाई ने छोटे भाई को एक थप्पड मार दिया छोटा भाई ने कुछ नही कहा बस रेत पर लिखा आज मेरे भाई ने मुझे थप्पड मारा अगले दिन फिर दोनो समुद्र के किनारे घुमने निकले छोटा भाई समुद्र मे नहाने  लगा अचानक वह डूबने लगा बडे भाई ने उसे  बचाया । छोटे भाई ने पत्थर पर लिखा आज मेरे भाई ने मेरी जान बचायी फिर बडे भाई ने पूछा जब मैने तुम्हे मारा तो तुमने रेत पर क्यो लिखा और जब मैने तुम्हे बचाया तो तुमन पत्थर पर लिखा एसा क्यों ? विवेकशील छोटे भाई ने जवाब दिया जब कोई हमे दुख दे तो उसे हमे रेत पर लिखना चाहिए जिसे वो जल्दी मिट जाये परन्तु जब कोई हमारे लिए अच्छा करे तो उसे पत्थर पर लिखना चाहिए जो कभी मिट न पाये और हमेशा के लिए यादगार बन  जाये । धन्यवाद अंजना यादव✍️✍️✍️ ...

कविता ( मतलबी दुनिया )

इस मतलब भरी दुनिया में मुझे दुनियादारी नही आती          सच को झूठ साबित करने की            मुझे कलाकारी नही आती जिसमे सिर्फ मेरा हित हो  मुझे वो समझदारी नही आती                      शायद आज मै इसलिए पीछे हू                      क्योकि मुझे होशियारी नही आती   बेशक लोग न समझे मेरी वफादार को  मगर मुझे बईमानी नही आती है ।🙂😌🙂 धन्यवाद✍️✍️ ...

अफसाने जिन्दगी के?

गुस्से के दो पल मे  लोग प्यार के सारे पल भूला देते है अंजाने मे हुई गलतियो को  लोग बेवजह दिल से लगा लेते है बराबर का हक माग  लो तो  लोग हमें हमारी जगह दिखा देते है बडी अजीब  तसता है जिन्दगी की यह लोग अपना कह कर दिल दुखा देते है। धन्यवाद ✍️✍️ ...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ के विकास का लेखा जोखा ?

हमारे माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी ने आज लखनऊ में अपने साढे 4 सालों में लेखे जोखे का विवरण दिया है हमारी सरकार ने कहा हमने लोगों के चेहरे देखकर नहीं उनकी योग्यता आधार पर चयन किया है .   लखनऊ,मुख्यमंत्री योगी  आदित्यनाथ जी ने आज लखनऊ में अपने सढे चार साल के लेखे जोखे का विवरण   दिया है, इस इस दौरान उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने चेहरे देखकर नौकरियां नहीं दी है ,योग्यता के आधार पर चयन किया है,पिछली सरकार में पूरा खानदान भर्ती  मे वसूली के  निकल पड़ा था.कहां की संर्वागीण विकास आज नए देश की नये उत्तर प्रदेश की पहचान है. प्रदेश के अंदर पारदर्शी भर्ती की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है कार4.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गयी . उन्होंने कहा पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरी दी गई प्रदेश में निवेश का माहौल बनाया गया उत्तर प्रदेश देश में निवेश का हब  बना विश्वकर्मा श्रम सम्मान कामगारों को प्रोत्साहित किया. सुरक्षा का बेहतर वातावरण दिया सामाजिक सुरक्षा और  निवेश का वातावरण बना नवजवानो के लिए नौकरिया आदि कार्य किये पहले नौकरिया तास के पत्तो मे फेटे जाते थे...

बाल मजदूर है मजबूर

जिस मैदान मे खेलना था उस साफ करना ही जीवन बना जिस जीवन मे हसना था उसमे आसू पीकर मजबूत बना पेट भरना होता क्या है आज तक उसे मालूम नही  चैन की नीद होती क्या है आज तक उसे मालूम नही  बचपन कहा खो गया  मासूम क्या बतायेगा जीवन सडक पर गुजर गया वो यादे क्या सुनाएगा कभी तरस भरी आँखो से वो दो वक्त की खता है कभी धिक्कर के धक्के खा कर वो भूखा हो सो जाता है बाल मजदूरी पाप है यह नियम तो बना दिया पर उसके हित मे कया ? या जीवन को कठिन बना  दिया जो आज खतरे मे है वो क्या भविष्या बनायेगा जब पेट की भूख ही चिन्ता है तो वो क्या पढने जायेगा बाल मजदूर है मजबूर  यह नियम सताता है अगर देश का भविष्य बचाना है तो बाल मजदूरी अभिशाप को सब को मिल कर हटाना है । धन्यवाद अंजना यादव✍️✍️✍️ ...