कावीता
बोये जाते हैं बेट उग जाती है बेटियां,
खाद पानी बेटों को़ पर लहराती है बेटियां
स्कूल जाते हैं बेटे पर पढ़ जाती है बेटियां,
मेहनत करते हैं बेटे पर अव्वल आती है बेटियां,
रूलाते है जब बेटे तब खूब हंसाती है बेटियां
नाम करें ना करें बेटे पर नाम कमाती हैं बेटियां
जब दर्द देते हैं बेटे तब मरहम लगाती है बेटियां
छोड़ जाते हैं बेटे तब साथ नीभाती है बेटिया
आशा रहती है बेटों से पर पूर्ण करती है बेटियां।
😔👨🦰👩🦰👆🙏 धन्यवाद✍️
अंजना यादव
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