२,१०,२०गांधी जयंती

...जीवन जीने की रीत डर के आगे जीत...
गांधी जी का मानना था यादि सामाज में बदलाव लाना है तो स्वयं को पहले बदलें तभी सामाज बदलेगा,

अपनी प्रसिबद्धता से इंसान पहाड़ को हिला सकता हैं।
माहात्म्य गांधी जी इसका ज्वलंत उदाहरण हैं,
जिनकी प्रतिबद्धता ने विश्व के कडोरो लोगों को
प्रेरित किया है।
      धन्यवाद 🖕 ्✍️

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