नारी है पुरुषों पर भारी?
नारी को ना समझो बेचारी उस पर है दुनिया चलाने की जिम्मेदारी,
नारी के हैं रूप हजार फिर भी वह करती पुरुषों का सम्मान वक्त- वक्त पर वह हर रूप में आती मुसीबत आने पर माता-पिता भाई-बहन पति सब का सहारा बन जाती ,
घर बाहर की जिम्मेदारी बखूब निभाती फिर भी नारी क्यो पुरुषों से कमजोर कहलाती,
अत्याचार होने पर वह दुर्गा के रूप में आती ,नारी को ना समझो बेचारी
नारी है पुरुषों पर भारी✍️ ...
धन्यावाद
. अंजना यादव✍️✍️
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