कविता ( मतलबी दुनिया )
इस मतलब भरी दुनिया में
मुझे दुनियादारी नही आती
सच को झूठ साबित करने की
मुझे कलाकारी नही आती
जिसमे सिर्फ मेरा हित हो
मुझे वो समझदारी नही आती
शायद आज मै इसलिए पीछे हू
क्योकि मुझे होशियारी नही आती
बेशक लोग न समझे मेरी वफादार को
मगर मुझे बईमानी नही आती है ।🙂😌🙂
धन्यवाद✍️✍️ ...
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