कोरोय महामारी मिहलाओ पर भारी
हमारी कहानी का शीर्षक कोरोना महामारी माहिलाओ पर भारी है जिस प्रकार हम सभी जानते है कारोना काल से कैसे उभरे है ?
यह कहानी एक महिला की है जो गोमती नगर मे किराये पर रहती थी कारोना के कारण पति काम पर नदी जाता था और उसे पैसे मागता वह महिल दिन रात घरो मे काम करके पैसे कमाती थी अपना और बच्चो का खर्चा देखती थी . करोना काल मे उसका परि उसे रोज मारता पिटता और पैसे लेकर शराब पीता महिला के पास न खाने के पैसे रहते वह कैसे करके किसी तरह अपने बच्चो का पेट भारती एक दिन उसकी तबियत बहुत खराब हो जाती आस पास के लोग उससे हस्पताल ले जाते उसका इलाज करा ते और उसे समझा ते की वह अपने बच्चो को लेकर गॉव चती जाये वह अपने पति से परेशान होकर अपने बच्चो को लेकर गाँव चली जाती है ।
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